सर्वाइकल कैप | Find My Method
 
  • प्रजनन जागरूकता आधारित विधियां सस्ती हैं। ये हार्मोन–मुक्त भी होती हैं।

  • प्रभावकारिताः प्रजनन जागरूकता विधियां बहुत प्रभावी नहीं हैं। सामान्य उपयोग किए जाने पर प्रत्येक 100 में से सिर्फ 76 से 88 व्यक्ति ही गर्भ धारण करने से रोक पाते हैं।

  • दुष्प्रभाव/ साईड इफेक्ट्सः कुछ नहीं।

  • प्रयासः बहुत अधिक। प्रजनन जागरूकता– आधारित विधियों के सही तरीके से प्रयोग के लिए रोजाना ट्रैकिंग की आवश्यकता होती है।

  • यह यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई) से सुरक्षा प्रदान नहीं करता।

सारांश

प्रजनन जागरूकता– आधारित विधियां प्राकृतिक परिवार नियोजन का रूप हैं। इन विधियों में आपको अपने मासिक– धर्म चक्र पर ध्यान रखना होता है ताकि आप अपने गर्भवती होने के दिनों को निर्धारित कर सकें। वे दिन कौन से होंगे, इसका निर्धारण करना मुश्किल हिस्सा है। हम आपको आपकी प्रजनन क्षमता की निगरानी के लिए कुछ विकल्प दे रहे हैं ताकि आप अपने गर्भवती हो सकने वाले दिनों की पहचान कर सकें। अनियमित मासिक धर्म वाली महिलाओं के लिए, किशोरियां भी शामिल हैं, यह सर्वोत्तम विकल्प नहीं हो सकता है।

प्रजनन जागरूकता के प्रकारः

मानक दिवस पद्धति: यदि आपके मासिक धर्म का चक्र 26 और 32 दिनों के बीच का है तो आप इस विधि का प्रयोग कर सकती हैं। आपको अपने मासिक धर्म के दिनों का रिकॉर्ड रखना होगा और निर्धारित करना होगा कि आप किन दिनों में गर्भवती नहीं हो सकतीं।

दो दिवस (टीडीएम): इस विधि के लिए, आपको अपने गर्भाशय ग्रीवा से होने वाले डिस्चार्ज (सर्वाइकल डिस्चार्ज) पर ध्यान रखने की जरूरत है।

सर्वाइकल म्युकस (गर्भाशय ग्रीवा श्लेष्म): जब आपके गर्भवती होने की संभावना सबसे अधिक होती है तब आपका शरीर विशिष्ट चिपचिपा पदार्थ बनाता है। यह विधि आपके गर्भाशय ग्रीवा श्लेष्म की ट्रैकिंग से संबंधित है।

महिला के शरीर के तापमान की पद्धति (बीबीटी): इस विधि के लिए, आप अंडोत्सर्ग कर रही हैं या नहीं, यह निर्धारित करने के लिए आपको प्रतिदिन सुबह अपने शरीर का तापमान लेना और उसका चार्ट बनाना होगा।

सिंप्टोथर्मलः आपके गर्भवती होने के संबंध में आपका शरीर कई संकेत देता है। यह विधि उन संकेतों में कई संकेतों को एक बार में ट्रैक करती है। इसमें आपके गर्भाशय की संवेदनाएं भी शामिल हैं।

लैक्टेशनल (एलएएम): स्तनपान प्राकृतिक रूप से प्रजनन क्षमता को कम कर देता है। यदि आपने कुछ दिनों पहले ही शिशु को जन्म दिया है तो यह विधि आप पर काम करेगी। लेकिन इस विधि के काम करने के लिए आपको अपने शिशु को विशेष रूप से स्तनपान कराना होगा।

विवरण

आप अपने शरीर को बेहतर तरीके से जानना चाहती हैं प्रजनन जागरूकता विधियां आपको गर्भवती होने से रोकने में मदद कर सकती हैं। ये अपने शरीर को बेहतर तरीके से जानने के लिए भी अच्छी हैं। आप बदलाव महसूस करेंगी और अपने मासिक धर्म चक्र को बेहतर समझ पाएंगी।

गर्भवती होने पर आपको परेशानी नहीं होगी। यदि आप इस विधि का सही तरीके से प्रयोग नहीं करती तो इसके विफल होने की संभावना बहुत बढ़ जाएगी। यदि गर्भवती होना आपके लिए समस्या होगी और आप प्रजनन जागरूकता ट्रैकिंग में बहुत अच्छी नहीं हैं तो किसी अन्य विधि को चुनें। फिर भी यदि आप इसे आजमाना चाहती हैं तो सीखने के दौरान प्रत्येक बार यौन संबंध बनाते समय एक बैकअप विधि जैसे कॉन्डोम का प्रयोग करें।

पूर्ण स्व–अनुशासन। आप और आपके पार्टनर, दोनों ही को इस विधि का पालन करने पर सहमत होने की जरूरत है। आपको अपने शरीर को अच्छी तरह जानने की भी जरूरत है।

आपको यौन संबंध नहीं बनाने या दूसरी विधि अपनाने में कोई समस्या नहीं है। इस विधि में आपको प्रत्येक महीने उन दिनों को ट्रैक करने की जरूर होगी जिनमें आप गर्भवती हो सकती हैं। उन दिनों में आपको या तो यौन संबंध बनाने से बचना होगा या गैर– हार्मोनल विधि का प्रयोग करना होगा। यदि आपको यौन संबंध नहीं बनाने या गर्भनिरोधक के अन्य विधि के प्रयोग से परेशानी है तो प्रजनन जागरूकता– आधारित विधियों का प्रयोग न करें।

आप बिना दुष्प्रभाव वाली विधि चाहती हैं। इस विधि में आपके शरीर में अतिरिक्त हार्मोन्स नहीं दिए जाएंगे। इस विधि का प्रयोग करने वाले कई लोग ऐसी चीज चाहते हैं जिसका उनके शरीर पर कोई प्रभाव न पड़े।

डॉक्टर की पर्ची की आवश्यकता नहीं है। यदि आप हार्मोन्स का प्रयोग करना नहीं चाहतीं तो आप इनमें से किसी एक विधि या एक से अधिक विधि का प्रयोग कर सकती हैं।

प्रयोग कैसे करें

प्रजनन जागरूकता– आधारित विधियां सरल हैं। अपने मासिक– धर्म को ट्रैक करें और जिन दिनों में आप गर्भवती हो सकती हैं उन दिनों में यौन संबंध न बनाएं। यदि आप उन दिनों में यौन संबंध बनाती हैं तो वैकल्पिक विधि जैसे– कॉन्डोम– बाहरी (पुरुष) या आंतरिक (महिला) या डायफ्राम का प्रयोग करें।

आप अपने मासिक धर्म चक्र को कई अलग– अलग विधियों से ट्रैक कर सकती हैं। दो या अधिक विधियों का प्रयोग करना आपको अधिक सटीक होने में मदद करेगा। आपको अपने शरीर में होने वाले बदलावों को देखना और आपका अगला मासिक धर्म कब होगा, इसकी गणना करनी होगी। इस काम के लिए बहुत प्रयास एवं प्रतिबद्धता चाहिए। इस विधि को चुनने से पहले, सुनिश्चित कर लें कि आपको क्या करना है, इसे आप अच्छी तरह से समझ चुकी हैं। प्रत्येक महीने में सात दिनों तक यौन संबंध न बनाने या उन दिनों में दूसरी विधि के प्रयोग के लिए तैयार रहें।

मानक दिवस पद्धति: यह विकल्प सिर्फ तभी काम करेगा जब आपका मासिक धर्म चक्र 26 और 32 दिनों के बीच का होगा। इस विधि के बारे में और अधिक जानें।

दो दिवस पद्धतिः क्या आपको प्रतिदिन गर्भाशय ग्रीवा से स्राव (सर्वाइकल सीक्रिशन) हो रहा है, इसकी जांच करनी होगी। यदि आपको किसी प्रकार का स्राव दिखता है, पिछले दिन या आज, तो आप गर्भवती हो सकती हैं। उन दिनों में यौन संबंध न बनाएं। यदि आप यौन संबंध बनाने का निर्णय लेती हैं तो गर्भनिरोधक के अन्य रूप का प्रयोग करें। यहां अधिक जानकारी प्राप्त करें।

सर्वाइकल म्युकस (गर्भाशय ग्रीवा श्लेष्म) आपके अपने गर्भाशय ग्रीवा श्लेष्म की प्रतिदिन जांच करनी होगी। आप अपने स्रावों के शुरुआती दिनों में गर्भवती हो सकती हैं (जब आपका गर्भाशय ग्रीवा श्लेष्म साफ, फैलने वाला, चिकनाईयुक्त और गीला हो) । गर्भवती होने की संभावना स्राव के रुकने के 3 दिनों तक रहती है। इस विधि का प्रयोग सिम्प्टोथर्मल विधि या स्टैंडर्ड डेज़ विधि के साथ करें।

महिला के शरीर के तापमान की पद्धति (बीबीटी) प्रत्येक सुबह बिस्तर से नीचे उतरने से पहले आपको अपने शरीर का तापमान लेना होगा। चार्ट पर लिखना होगा। इस विधि का प्रयोग सिम्प्टोथर्मल विधि या स्टैंडर्ड डेज़ विधि के साथ करें।

सिंप्टोथर्मल मेथड। आप किन दिनों में गर्भवती हो सकती हैं, इसका अनुमान लगाने के लिए यह विधि एक से अधिक प्रजनन जागरूकता विधियों का प्रयोग करती है। सामान्य रूप से यह शरीर के मूल तापमान एवं गर्भाशय ग्रीवा श्लेष्म को ट्रैक करता है। इस संबंध में और अधिक जानकारी आपको यहां से मिल सकती है।

लैक्टेशनल अमेनोरेरिया मेथड। शिशु को जन्म देने के बाद 6 माह तक गर्भवती होने से बचने के लिए आप स्तनपान करा सकती हैं। यह विधि तभी काम करेगी जब आप नीचे सूचीबद्ध तीन शर्तों को पूरा करेंगीः

    1. आपके शिशु के जन्म के बाद से आपको मासिक धर्म न हुआ हो।

    2. आप अपने शिशु को सिर्फ स्तनपान कराती हों (शिशु को कोई अन्य भोजन या तरल न दिया गया हो)

    3. आप अपने शिशु को दिन में प्रत्येक 4 घंटों पर और रात में प्रत्येक 6 घंटे पर स्तनपान कराती हों।

आप यहां से एलएएम के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।

दुष्प्रभाव

प्रत्येक व्यक्ति अलग होता है। आपने जो अनुभव किया हो जरूरी नहीं कि दूसरे व्यक्ति को भी वैसा ही अनुभव हो।

सकारात्मक पक्षः

  • पूरी तरह से मुफ्त– सिवाए बेसल थर्मामीटर या साइकल बीड्स के मूल्य के

  • डॉक्टर के पर्ची की आवश्यकता नहीं

  • आपके शरीर में कोई हार्मोन नहीं दिया जाता

  • कोई हार्मोन नहीं होता, इसलिए आपको दुष्प्रभावों के बारे में परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपको सिर्फ गर्भवती होने की संभावना के बारे में चिंता करनी होती है।

  • यह विधि आपको अपने शरीर के बारे में और ये कैसे काम करती हैं, के बारे में अधिक जानने में मदद करती है।

नकारात्मक पक्षः

  • आपको योजना बनाने और रिकॉर्ड रखने पर समय देने की आवश्यकता है।

  • इस विधि में आत्म– नियंत्रण की आवश्यकता होती है।

  • कम– से– कम प्रत्येक मासिक धर्म चक्र में परहेज (या वैकल्पिक विधि का उपयोग) की आवश्यकता है।

  • आपको और आपके पार्टनर दोनों को सहमत होना चाहिए।

  • अनियमित मासिक धर्म वाली महिलाओं के लिए कैलेंडर विधि और स्टैंडर्ड डेज़ विधि काम नहीं करेंगी।

  • यदि आपने हाल ही में हार्मोन विधि का प्रयोग करना बंद किया है तो प्रजनन जागरूकता विधियों का प्रयोग करना जोखिम भरा हो सकता है। हार्मोन्स आपके चक्र को प्रभावित करते हैं, जो शुरुआत में प्रजनन जागरूकता आधारित विधियों को अप्रभावी बना देगा। जब आप अपने मासिक धर्म चक्र को ट्रैक करना सीख रही हों तब गैर– हार्मोनल विधि का प्रयोग करें।

  • यदि आपने शराब पी हुई है तब योजना के अनुसार काम कर पाना मुश्किल है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

  • हम यहां आपकी मदद करने के लिए हैं। यदि आपको अभी भी अच्छा महसूस नहीं हो रहा तो हमारे पास अन्य विधियां भी हैं। सिर्फ याद रखें: यदि आपने विधियों को बदलने का निर्णय ले लिया है तो परिवर्तन काल के दौरान खुद को सुरक्षित रखना सुनिश्चित करें। आपकी आवश्यकताओं के अनुसार विधि ढूंढ़ने के दौरान कॉन्डोम अच्छी सुरक्षा प्रदान करते हैं। अगर मैं गलत दिन पर यौन संबंध बना लूं तो क्या होगा?

  • यदि आपके यौन संबंध बनाने के बाद 5 दिन या उससे कम समय बीता है और आप गर्भवती नहीं होना चाहतीं तो आपातकालीन गर्भनिरोधक का प्रयोग करें। यदि 5 दिन से अधिक बीत चुके हैं और आपका अगला मासिक धर्म समय पर नहीं आता तो आपको गर्भवती होने संबंधी जांच करनी चाहिए।

  • यदि आप जिन दिनों में गर्भवती हो सकती हैं, उनमें असुरक्षित यौन संबंध बनाना चाहती हैं और गर्भवती भी नहीं होना चाहतीं तो आपको सरल विधि के प्रयोग पर विचार करना चाहिए।

  • अभी भी काम नहीं कर रहा? यदि आपको गर्भवती होने के संभावित दिनों को निर्धारित करने में परेशानी हो रही है तो आप आईयूडी या इम्प्लान्ट जैसी सरल विधि पर विचार करें।

  • प्रजनन जागरूकता के हार्मोन– मुक्त पहलू की तरह? गैर– हार्मोनल आईयूडी का विकल्प देखें या कॉन्डोम जैसी बाधा विधि को सख्ती से अपनाएं।

  • अलग विधि आजमाएं: आंतरिक कॉन्डोम (महिला), इम्प्लान्ट, आईयूडी, बाहरी कॉन्डोम (पुरुष)

यदि मैं प्रतिदिन अपना तापमान लेना, श्लेष्म की जांच करना या मासिक धर्म चक्र को ट्रैक करना भूल जाऊं तो क्या होगा?

  • यह विधि सिर्फ तभी काम करेगी जब आप इन्हें सही तरीके एवं लगातार अपनाने को प्रतिबद्ध होंगी। कई प्रकार के उपकरण जैसे एप्स, थर्मामीटर और साइकल बीड्स उपलब्ध हैं जो आपको अपने चक्र की ट्रैकिंग में मदद कर सकते हैं।

  • अभी भी काम नहीं कर रहा? यदि आपको नहीं लगता कि आप प्रतिदिन अपने प्रजनन संकेतों की निगरानी कर सकती हैं तो कम प्रयास वाली अन्य विधि को अपनाने पर विचार करें।

  • आईयूडी या इम्प्लान्ट कई वर्षों के लिए अच्छे हैं, टीके का प्रभाव कई महीनों तक रहता है, छल्ला (रिंग) को महीने में एक ही बार बदलना पड़ता है और पट्टी (पैच) को सप्ताह में एक बार।

अलग विधि आजमाएं: इम्प्लान्ट, आईयूडी, छल्ला (रिंग), टीका

  • यदि मेरे गर्भवती होने के संभावित दिनों में हम यौन संबंध बनना चाहें तो?

    1. यदि आप यह सुनिश्चित नहीं कर सकतीं कि आप गर्भवती होने के सभी संभावित दिनों में यौन संबंध नहीं बनाएंगी तो प्रजनन जागरूकता आधारित विधियों के अलावा अन्य विधि का प्रयोग करें। यदि आप हार्मोन से बचना चाहती हैं तो आप बाहरी (पुरुष) कॉन्डोम या आंतरिक (स्त्री) कॉन्डोम या शुक्राणुरोधी मलहम के साथ सर्वाइकल कैप या स्पॉन्ज का प्रयोग कर सकती हैं।

    2. अभी भी काम नहीं कर रहा? यदि आपको प्रजनन जागरुकता– आधारित विधियों से परेशानी हो रही है और आप गैर–हार्मोन विधि अपनाना चाहती हैं तो गैर– हार्मोनल आईयूडी पर विचार करें। यह हार्मोन–मुक्त होता है और इसमें बहुत काम भी नहीं करना पड़ता।

    3. अलग विधि आजमाएं: आईयूडी