सभी पद्धतियों को देखें

आईयूडी (लीवोनोजेस्ट्रल इंट्रायूरीन डिवाइस) एक हार्मोनल विधि है। यह छोटा. टी (T)– आकार का प्लास्टिक का टुकड़ा होता है। आईयूडी को गर्भाशय में डाला जाता है। डाले जाने के बाद, यह गर्भाशय की झिल्ली को पतला और गर्भाशय के श्लेष्म को मोटा बना देता है। यह शुक्राणुओं को अंडे से मिलने और गर्भाधान होने से रोकता है। आईयूडी 3, 4 या 5 वर्षों तक की सुरक्षा प्रदान करता है (प्रकार के अनुसार)। यदि आप गर्भ धारण करना चाहती हैं तो आईयूडी को निकलवा सकती हैं।

गैर– हार्मोनल आईयूडी

आईयूडी प्लास्टिक और तांबे से बना एक छोटा, टी–आकार का टुकड़ा है। यह आपके गर्भाशय में डाला जाता है। तांबा गर्भाशय के वातावरण को थोड़ा बदल देता है और शुक्राणुओं को अंडे तक पहुंचने से रोकता है। आईयूडी 3-12 वर्षों की सुरक्षा प्रदान करता है, यह आपके द्वारा प्रयोग किए जा रहे आईयूडी पर निर्भर करता है। यदि आप गर्भ धारण करना चाहती हैं तो आप आईयूडी को निकलवा सकती हैं।

इम्प्लान्ट

इम्प्लान्ट प्लास्टिक की छोटी छड़ें या कैप्सूल होते हैं जिन्हें महिलाओं की ऊपरी भुजा की त्वचा के भीतर डाला जाता है। ये बहुत छोटे होते हैं, वास्तव में, ज्यादातर लोग डाले जाने के बाद इसे देख भी नहीं सकते। इम्प्लान्ट प्रोजेस्टिन– जो आपके गर्भाशय को अंडे जारी करने से रोकता है और आपके गर्भाशय ग्रीवा के श्लेष्म को गाढ़ा बनाता है, जारी करता है। यह शुक्राणुओं को अंडों से मिलने से रोकता है। 5 वर्षों तक गर्भ धारण करने से बचाता है। यह इम्प्लान्ट के प्रकार पर निर्भर करता है। इंप्लानन, जाडेल और लीवोप्लांट समेत इसके कई प्रकार होते हैं।

गोली

गोलीएक छोटी टैबलेट है जो हर महीने के लिए पैकिंग में मिलती है। कुछ लोग इसे ओरल कॉन्ट्रासेप्शन– खाया जाने वाला गर्भनिरोधकभी कहते हैं। आप इसे एक दिन में एक बार खाते हैं। रोजाना एक ही समय पर। बाजार में कई प्रकार की गोलियां उपलब्ध हैं और अक्सर नए विकल्प उपलब्ध होते हैं। ज्यादातर गोलियां ऐसे हार्मोन्स जारी करती हैं जो आपके गर्भाशय को अंडे नहीं जारी करने देता। ये हार्मोन्स आपके गर्भाशय ग्रीवा के श्लेष्म को भी गाढ़ा बनाते हैं जो पहले स्थान पर शुक्राणु को अंडे से मिलने से रोकता है।

गोलियों के प्रकार:

संयोजन। संयोजन या कॉम्बिनेशन पिल्स अंडोत्सर्ग को रोकने के लिए दो प्रकार के हॉर्मोन्स– एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टिन का प्रयोग करते हैं। एक महीने के कॉम्बिनेशन पिल पैक में 3 सप्ताह के हार्मोन्स– आधारित गोलियां और एक सप्ताह की हार्मोन–मुक्त गोलियां होती हैं। आप हर महीने अपने मासिक धर्म का इंतजार करने के दौरान हार्मोन– मुक्त गोलियों का सेवन कर सकती हैं।

सिर्फ– प्रोजेस्टिन। इनमें एस्ट्रोजेन नहीं होता और यदि आप कॉम्बिनेशन पिल्स के प्रति संवेदनशील हैं तो आपको इन गोलियों के सेवन करने की सलाह दी जाती है। यदि आपको कॉम्बिनेशन पिल से कोई दुष्प्रभाव पड़ा हो तब भी आपको इन गोलियों के सेवन की सलाह दी जाती है। ये महीने के प्रत्येक दिन थोड़ी मात्रा में प्रोजेस्टिन जारी करती हैं और निर्धारित सप्ताह के दौरान आपका मासिक धर्म नहीं आने देतीं।

सूई/इंजेक्शन/ टीके

हाँ, यह वही है जो आपके मन में भी है। एक सिरिंज, एक सूई और कुछ तरल पदार्थ जो आपके शरीर में डाल दिया जाता है। इंजेक्शन/ टीका आपके अंडाशय को अंडा जारी करने रोकता है। यह आपके गर्भाशय ग्रीवा के श्लेष्म को भी गाढ़ा बनाता है जिससे शुक्राणु अंडे से मेल नहीं कर पाते। इसके कई प्रकार हैं– आपके देश में कुछ प्रकार उपलब्ध नहीं भी हो सकते हैं।

  • मंथली इंजेक्टेबल (मासिक टीका): यह आपको एक महीने के लिए सुरक्षित रखता है। दो हार्मोन्स होते हैं– प्रोजेस्टीन और एस्ट्रोजेन।

  • NET-EN या टू मंथ्स इंजेक्टेबलः इसमें प्रोजेस्टीन होता है। यह आपको दो महीने के लिए सुरक्षित रखता है। एस्ट्रोजेन न ले सकने वाली महिलाओं के लिए बहुत ही अच्छा विकल्प है।

  • डीएमपीए या थ्री मंथ्स इंजेक्टेबल (तीन माह तक काम करने वाला टीका): इसमें प्रोजेस्टीन होता है। आपको तीन महीनों के लिए सुरक्षा प्रदान करता है। एस्ट्रोजेन न ले सकने वाली महिलाओं के लिए बहुत ही अच्छा विकल्प है।

पट्टी (पैच)

पट्टी (पैच) प्लास्टिक का पतला टुकड़ा है जो बैंड–एड जैसा वर्गाकार दिखता है। यह 5 सेमी से थोड़ा छोटा होता है। आप अपनी त्वचा पर पट्टी (पैच) लगाते हैं और यह आपके शरीर में ऐसे हार्मोन्स भेजता है जो आपके अंडाशय को अंडे जारी करने से रोकता है। हार्मोन्स गर्भाशय ग्रीवा के श्लेष्म को भी गाढ़ा कर देते हैं जो शुक्राणुओं को अंडों से मिले से रोकने में मदद करता है।

छल्ला (रिंग)

छल्ला (रिंग) छोटा, मोड़ा जा सकने वाला वस्तु है जो आपकी योनी में लगा रहता है। आप एक बार में इसे योनी में तीन सप्ताह तक लगे रहने देती हैं और चौथे सप्ताह में इसे बाहर निकाल लेती हैं। टीके की ही तरह, छल्ला (रिंग) दो तरीकों से गर्भवती होने से बचाता है। यह ऐसे हार्मोन्स शरीर को देता है जिससे गर्भाशय अंडे जारी नहीं कर पाता और यह गर्भाशय ग्रीवा के श्लेष्म को भी गाढ़ा करता है जो शुक्राणु को अंडे से मिलने से रोक देता है।

बाहरी कॉन्डोम (पुरुष)

बाहरी कॉन्डोम– ये पुरुषों के कॉन्डोम के नाम से जाने जाते हैं– गर्भावस्था को रोकने और यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई) के प्रति सुरक्षा प्रदान करने के सबसे लोकप्रिय तरीकों में से एक है। इसे सिर्फ लिंग पर लगाएं। बाहरी कॉन्डोम (पुरुष) शुक्राणु को कॉन्डोम के भीतर और योनि, गुदा या मुँह से बाहर रख कर एसटीआई के जोखिम को कम करते हैं। (आंतरिक कॉन्डोम (महिला) भी हैं जो योनि या गुदा के भीतर जाते हैं।) बाहरी कॉन्डोम (पुरुष) सैंकड़ों प्रकार एवं आकार में मिलते हैं। आप इसे लूब (चिकनाई) के साथ या उसके बिना भी खरीद सकते हैं।

बाहरी कॉन्डोम (पुरुष) के प्रकारः

शुक्राणुनाशक (शुक्राणुरोधी मलहम) । ये कॉन्डोम शुक्राणु को मारने वाले रसायन से चिकने (लुब्रिकेटेड) बनाए जाते हैं। मौखिक (ओरल) या गुदा (एनल) यौन संबंध के लिए इनके प्रयोग की अनुशंसा नहीं की जाती।

शुक्राणुनाशक– मुक्त (शुक्राणुरोधी मलहम –फ्री) । यदि आप या आपका पार्टनर शुक्राणुरोधी मलहम के प्रति संवेदनशील है तो शुक्राणुरोधी मलहम –मुक्त कॉन्डोम का प्रयोग करें। कॉन्डोम के बहुत कम दुष्प्रभाव होते हैं। इस प्रकार में तो बहुत ही कम।

लेटेक्स। लेटेक्स कॉन्डोम को 800% तक फैलाया जा सकता है। ये सबसे सामान्य कॉन्डोम हैं। लेकिन तेल–आधारित स्नेहकों के साथ इनका प्रयोग न करें। तेल– आधारित स्नेहक कॉन्डोम को तोड़ या फिसला सकता है जिससे आपके गर्भधारण करने या एसटीआई से संक्रमित होने के जोखिम बढ़ जाते हैं।

नॉन– लेटेक्स (लेटेक्स– मुक्त) । यदि आपको लेटेक्स या तेल– आधारित स्नेहकों से एलर्जी है तो लेटेक्स–मुक्त कॉन्डोम का विकल्प देखें। आमतौर पर ये पॉलीयूरेथेन, अन्य सिंथेटिक उच्च तकनीकी सामग्रियों या प्राकृतिक भेड़ की खाल से बनाया जाता है।

आंतरिक कॉन्डोम (महिला कॉन्डोम)

आंतरिक कॉन्डोम (महिला कॉन्डोम) एक पाउच होता है जिसे आप अपनी योनी या गुदा के भीतर डालती हैं। आंतरिक कॉन्डोम (महिला) उसी तरह से काम करता है जैसे बाहरी कॉन्डोम (पुरुष) करता है सिवाए इसके कि लिंग पर बाहर लगाए जाने की तुलना में इसे आपको अपने भीतर लगाना होता है। ये शुक्राणु को अपने भीतर और आपके योनि या गुदा से बाहर रखते हैं।

आपातकालीन गर्भनिरोधक (ईसी) गोलियां

आपातकालीन गर्भनिरोधक (ईसी) गर्भावस्था को शुरु होने से पहले ही रोक सकता है। (इसका अर्थ है ईसी गोलियां गर्भपात की गोलियों जैसी नहीं होती)। आप जिस स्थान पर रहती हैं उसके आधार पर आपके पास कई प्रकार के ईसी में से चुनाव करने का विकल्प होता है। ज्यादातर प्रकार असुरक्षित यौन संबंध बनाने के बाद 5 दिनों (या 120 घंटों) तक प्रभावी होती हैं और जितनी जल्दी आप इसका प्रयोग करेंगी, यह उतना ही अधिक प्रभावी होगा।

आपातकालीन गर्भनिरोधक के उदाहरणः

यूलिप्रिस्टल एसीटेट वाली गोलियां। ईसी का यह नया रूप एक गोली की खुराक वाला है जो अन्य ईसी गोलियों के मुकाबले असुरक्षित यौन संबंध बनाए जाने के बाद 5 दिनों तक काम करता है और उन 5 दिनों के दौरान प्रभाव को कम नहीं होने देता।

लीवोनोजेस्ट्रल वाली गोलियां: लिडिया पोस्टपिल, पोस्टिनॉर 2, नॉरपिल, अनवान्टेड 72, नोविल पिल, प्लान बी वन– स्टेप, नेक्स्ट च्वाइस वन डोज, नेक्स्ट च्वाइस, माई वे, आफ्टर पिल, लीवोनोजेस्ट्रल। ये दवाएं डॉक्टर की पर्ची के साथ या उसके बिना भी दवाखाने से मिल सकती हैं। यह आपके निवास देश के नियमों पर निर्भर करता है। ये अन्य गर्भनिरोधक गोलियों के जैसी होती हैं लेकिन इनकी खुराक बहुत अधिक होती है। असुरक्षित यौन संबंध बनाने के बाद ये 5 दिनों तक काम कर सकती हैं लेकिन प्रत्येक अगले दिन इसका प्रभाव कम होता जाता है। यदि आप इस विधि का प्रयोग करना चाहती हैं तो आपको असुरक्षित यौन संबंध बनाने के बाद जितनी जल्दी हो सके इसका प्रयोग कर लेना चाहिए।

गैर– हार्मोनल आईयूडी। यह सबसे प्रभावी ईसी है। असुरक्षित यौन संबंध बनाने के बाद डॉक्टर से 5 दिनों के भीतर लगवाएं। यह आपके गर्भधारण की संभावना को 99.9% कम कर देगा।

यूजपे विधि। यदि आप विशिष्ट चरणों का पालन करती हैं तो आप विशेष नियमित गर्भनिरोधक गोलियों को ईसी की तरह इस्तेमाल कर सकती हैं (नीचे दिए “How to use it” खंड को देखें।) अन्य ईसी विकल्पों के मुकाबले यह उतना प्रभावी नहीं होता। असुरक्षित यौन संबंध बनाने के 3 दिनों तक ही सबसे अच्छा काम करता है।

नसबंदी

पुरुष और महिलाएं दोनों ही नसबंदी करा सकते हैं। महिलाओं के लिए, नसबंद एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें उनके फैलोपियन ट्यूब को बंद कर दिया जाता है ताकि वे गर्भवती न हो सकें। पुरुषों के लिए, नसबंदी वैसक्टॉमी (पुरुष नसबंद) कहा जाता है। यह पुरुषों के शुक्राणु वहन करने वाली नलियों को बंद कर देता है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से बात करें और उम्र संबंधि निषेधों और प्रतीक्षा अवधियों जैसी आवश्यकता के बारे में जरूर पूछें।

नसबंदी के प्रकारः

चीरा लगाना। पुरुष और महिला दोनों ही के लिए चीरा लगा कर नसबंदी कराने का विकल्प उपलब्ध है। महिलाओं के लिए लैप्रोस्कोपी, मिनी लैप्रोटॉमी और लैप्रोटॉमी में चीरा लगाना होता है। इसके कारण, इन्हें बेहोश करने/ एनेस्थेसिया दिए जाने की भी जरूरत पड़ती है। शल्य–चिकित्सा/ सर्जरी से उबरने में 2–21 दिनों का समय लग सकता है।

पुरुषों के लिए चीरा वाले वैसक्टॉमी में 20 मिनटों का समय लगता है। इसके लिए सिर्फ लोकल एनेस्थेसिया देनी पड़ती है। डॉक्टर अंडकोश (स्क्रोटम) पर एक या दो चीरा लगाता है ताकि शुक्राणु तरल पदार्थ (सेमीनल फ्लूड) में प्रवेश न कर जाएं। चूंकि शुक्राणु बाहर नहीं निकल पाते इसलिए महिला गर्भवती नहीं हो सकती।

बिना– चीरे का। Essure महिलाओं के लिए एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शल्य– चिकित्सा या एनेस्थिसिया देने की जरूरत नहीं पड़ती। योनि के माध्यम से फैलोपियन ट्यूब तक पहुंचा जाता है जिसमें माइक्रो–इंसर्ट्स डाले जाते हैं। ये इंसर्ट्स स्कार टिश्यू को बढ़ाते हैं जो नली को अवरूद्ध कर देते हैं। उसी दिन महिला स्वस्थ हो जाती है और इससे उसकी सामान्य गतिविधियों पर प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। स्कार टिश्यू को बनने और इस विधि को प्रभावी बनाने में में कई महीने लगते हैं।

पुरुषों के लिए बिना चाकू वाली नसबंदी में एक छोटा सा छेद किया जाता है जो उसकी नलियों तक पहुंचता है। इसके बाद उसकी नलियों को बांध दिया जाता है, संवेदनहीन बना दिया जाता है या अवरुद्ध कर दिया जाता है। इसमें किसी प्रकार का निशान नहीं बनता, न तो टांके लगते हैं और यह प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के तेजी से ठीक होने के लिए जानी जाती है।

सर्वाइकल कैप

प्रजनन जागरूकता– आधारित विधियां प्राकृतिक परिवार नियोजन का रूप हैं। इन विधियों में आपको अपने मासिक– धर्म चक्र पर ध्यान रखना होता है ताकि आप अपने गर्भवती होने के दिनों को निर्धारित कर सकें। वे दिन कौन से होंगे, इसका निर्धारण करना मुश्किल हिस्सा है। हम आपको आपकी प्रजनन क्षमता की निगरानी के लिए कुछ विकल्प दे रहे हैं ताकि आप अपने गर्भवती हो सकने वाले दिनों की पहचान कर सकें। अनियमित मासिक धर्म वाली महिलाओं के लिए, किशोरियां भी शामिल हैं, यह सर्वोत्तम विकल्प नहीं हो सकता है।

प्रजनन जागरूकता के प्रकारः

मानक दिवस पद्धति: यदि आपके मासिक धर्म का चक्र 26 और 32 दिनों के बीच का है तो आप इस विधि का प्रयोग कर सकती हैं। आपको अपने मासिक धर्म के दिनों का रिकॉर्ड रखना होगा और निर्धारित करना होगा कि आप किन दिनों में गर्भवती नहीं हो सकतीं।

दो दिवस (टीडीएम): इस विधि के लिए, आपको अपने गर्भाशय ग्रीवा से होने वाले डिस्चार्ज (सर्वाइकल डिस्चार्ज) पर ध्यान रखने की जरूरत है।

सर्वाइकल म्युकस (गर्भाशय ग्रीवा श्लेष्म): जब आपके गर्भवती होने की संभावना सबसे अधिक होती है तब आपका शरीर विशिष्ट चिपचिपा पदार्थ बनाता है। यह विधि आपके गर्भाशय ग्रीवा श्लेष्म की ट्रैकिंग से संबंधित है।

महिला के शरीर के तापमान की पद्धति (बीबीटी): इस विधि के लिए, आप अंडोत्सर्ग कर रही हैं या नहीं, यह निर्धारित करने के लिए आपको प्रतिदिन सुबह अपने शरीर का तापमान लेना और उसका चार्ट बनाना होगा।

सिंप्टोथर्मलः आपके गर्भवती होने के संबंध में आपका शरीर कई संकेत देता है। यह विधि उन संकेतों में कई संकेतों को एक बार में ट्रैक करती है। इसमें आपके गर्भाशय की संवेदनाएं भी शामिल हैं।

लैक्टेशनल (एलएएम): स्तनपान प्राकृतिक रूप से प्रजनन क्षमता को कम कर देता है। यदि आपने कुछ दिनों पहले ही शिशु को जन्म दिया है तो यह विधि आप पर काम करेगी। लेकिन इस विधि के काम करने के लिए आपको अपने शिशु को विशेष रूप से स्तनपान कराना होगा।

डायफ्राम

डायफ्राम सिलिकॉन से बना एक सतही, गुंबद के आकार का कप होता है। आप डायफ्राम को अपनी योनि में डालेंगी। यह आपके गर्भाशय ग्रीवा को ढंक देगा और शुक्राणु को आपके गर्भ से दूर रखेगा। प्रभावी रूप से काम करने के लिए आपको इसे शुक्राणुनाशक के साथ प्रयोग करना होगा।

शुक्राणुरोधी मलहम

शुक्राणुरोधी मलहम में रसायन होते हैं जो शुक्राणु की गतिशीलता समाप्त कर देते हैं। यह क्रीम, फिल्म, फोम, जेल या सपोज़िटरी हो सकता है। आप जिस भी विकल्प को चुनें, उसे आपको अपनी योनि के बहुत भीतर लगाना होगा ताकि यह शुक्राणु को आपके गर्भाशय ग्रीवा और गर्भ में जाने से रोक सके।

स्पॉन्ज

स्पॉन्ज सफेद प्लास्टिक फोम का गोल टुकड़ा है। इसके एक तरफ गड्ढा (डिंपल) होता है और सिरे के आर–पार नायलॉन का लूप बना होता है। यह 5सेमी का होता है और यौन संबंध बनाने से पहले इसे आपको अपनी योनि में डालना होता है। स्पॉन्ज जो तरीके से काम करता हैः यह आपके गर्भाशय ग्रीवा को अवरुद्ध कर शुक्राणु को आपके गर्भ में जाने से रोकता है और लगातार शुक्राणुरोधी मलहम भी जारी करता रहता है।

प्रजनन जागरुकता

प्रजनन जागरूकता– आधारित विधियां प्राकृतिक परिवार नियोजन का रूप हैं। इन विधियों में आपको अपने मासिक– धर्म चक्र पर ध्यान रखना होता है ताकि आप अपने गर्भवती होने के दिनों को निर्धारित कर सकें। वे दिन कौन से होंगे, इसका निर्धारण करना मुश्किल हिस्सा है। हम आपको आपकी प्रजनन क्षमता की निगरानी के लिए कुछ विकल्प दे रहे हैं ताकि आप अपने गर्भवती हो सकने वाले दिनों की पहचान कर सकें। अनियमित मासिक धर्म वाली महिलाओं के लिए, किशोरियां भी शामिल हैं, यह सर्वोत्तम विकल्प नहीं हो सकता है।

प्रजनन जागरूकता के प्रकारः

मानक दिवस पद्धति (एसडीएम): यदि आपके मासिक धर्म का चक्र 26 और 32 दिनों के बीच का है तो आप इस विधि का प्रयोग कर सकती हैं। आपको अपने मासिक धर्म के दिनों का रिकॉर्ड रखना होगा और निर्धारित करना होगा कि आप किन दिनों में गर्भवती नहीं हो सकतीं।

दो दिवस पद्धति (टीडीएम): इस विधि के लिए, आपको अपने गर्भाशय ग्रीवा से होने वाले डिस्चार्ज (सर्वाइकल डिस्चार्ज) पर ध्यान रखने की जरूरत है।

सर्वाइकल म्युकस (गर्भाशय ग्रीवा श्लेष्म): जब आपके गर्भवती होने की संभावना सबसे अधिक होती है तब आपका शरीर विशिष्ट चिपचिपा पदार्थ बनाता है। यह विधि आपके गर्भाशय ग्रीवा श्लेष्म की ट्रैकिंग से संबंधित है।

महिला के शरीर के तापमान की पद्धति (बीबीटी): इस विधि के लिए, आप अंडोत्सर्ग कर रही हैं या नहीं, यह निर्धारित करने के लिए आपको प्रतिदिन सुबह अपने शरीर का तापमान लेना और उसका चार्ट बनाना होगा।

सिंप्टोथर्मलः आपके गर्भवती होने के संबंध में आपका शरीर कई संकेत देता है। यह विधि उन संकेतों में कई संकेतों को एक बार में ट्रैक करती है। इसमें आपके गर्भाशय की संवेदनाएं भी शामिल हैं।

लैक्टेशनल (एलएएम): स्तनपान प्राकृतिक रूप से प्रजनन क्षमता को कम कर देता है। यदि आपने कुछ दिनों पहले ही शिशु को जन्म दिया है तो यह विधि आप पर काम करेगी। लेकिन इस विधि के काम करने के लिए आपको अपने शिशु को विशेष रूप से स्तनपान कराना होगा।

विद्ड्रॉल

गर्भवती होने से आपकी परेशानी नहीं होगी। विद्ड्रॉल का विफल रहने का दर बहुत अधिक है। यदि आप गर्भवती नहीं होना चाहतीं तो आपको दूसरी विधि का प्रयोग करना चाहिए।

पुरुष को पता होता है कि उसका लिंग कब स्खलित होगा। विद्ड्रॉल में उच्च स्तर की जागरूकता एवं स्खलन का अनुमान लगाने (और स्खलित होने से पहले बाहर निकालने) की क्षमता की आवश्यकता होती है। ध्यान में रखें कि प्री–कम में भी शुक्राणु होते हैं। इसलिए यदि स्खलन से पहले भी पुरुष लिंग को बाहर निकाल ले तब भी महिला के गर्भवती होने का खतरा रहता है।

इसका प्रयोग आप दूसरी विधि के साथ कर सकते हैं। आप दूसरी विधि के साथ बैक–अप के तौर पर विद्ड्रॉल का प्रयोग कर सकते हैं।

यह बहुत ही किफायती है। किसी भी विधि के प्रयोग न करने की तुलना में विद्ड्रॉल बेहतर है और यह पूरी तरह से मुफ्त भी होता है।

इसके लिए डॉक्टर की पर्ची की जरूरत नहीं पड़ती।

अभी नहीं

अभी नहींसंयम या लिंग– योनि यौन संबंधबनाने से परहेज रखने का एक तरीका है। यह बेहद प्रभावी विधि है– हालांकि, कुछ लोगों के लिए यह बहुत अधिक मुश्किल हो सकता है। यदि आप हमेशा इसका प्रयोग करती हैं, तो गारंटी है कि आप गर्भवती नहीं होंगी। यदि आप हमेशा यौन गतिविधियों को नजरअंदाज करेंगी तो आप यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई) से भी सुरक्षित रहेंगी।